देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी के संकेत हैं।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 7 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। इसके चलते कई स्थानों पर तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है। दिन के समय तेज धूप और दोपहर में बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
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ऊपरी वायुमंडलीय परतों में चल रही तेज हवाएं भी तापमान में बदलाव का कारण बन रही हैं। कुल मिलाकर क्षेत्र में गर्मी धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगी है। मध्य भारत में अगले 6 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी के आसार हैं। सप्ताह के अंत तक यहां तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच सकता है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक रहने की संभावना है। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को दिन के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और सुबह या शाम के समय काम करने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में हल्की बढ़ोतरी, फिर स्थिरता
पूर्वी भारत में अगले 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि कुछ पहाड़ी और तराई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
गुजरात और महाराष्ट्र में गर्मी के साथ उमस बढ़ी
महाराष्ट्र में अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 2 दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन सप्ताह के अंत तक यह सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर रह सकता है। गुजरात में अगले 24 घंटों में तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा, परंतु इसके बाद 5 दिनों के दौरान 3 से 5 डिग्री तक वृद्धि संभव है। 4 और 5 मार्च को राज्य के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अंदेशा है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
पूर्वोत्तर के राज्यों में सक्रिय रहेगा मौसम
अरुणाचल, असम और मेघालय में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलाव 1 मार्च से पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।
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नए पश्चिमी विक्षोभ का असर
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 2 मार्च, 2026 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 3 और 4 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। फिलहाल मौसम शुष्क बना रह सकता है।
दक्षिण में ट्रफ के असर से बदलेगा मौसम
तमिलनाडु से कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है, जिसके कारण दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। केरल और माहे के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। ऐसे हालात में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचने और बिजली गिरने से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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