04:17 PM, 19-Feb-2026
वैश्विक आर्थिक संतुलन तय करने में एआई की होगी निर्णायक भूमिका- ब्रैड स्मिथ
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बोलते हुए स्मिथ ने कहा कि आज की दुनिया विभाजित और अस्थिर है, लेकिन सबसे गहरी खाई आर्थिक असमानता की है, जो मुख्य रूप से तकनीकी अंतर के कारण बनी है। उन्होंने कहा कि तकनीकी असमानता का एक बड़ा कारण बिजली और डिजिटल संसाधनों तक असमान पहुंच भी है, जो कई देशों के विकास को प्रभावित करती है। उन्होंने जोर दिया कि एआई के व्यापक उपयोग से इस तकनीकी और आर्थिक अंतर को कम किया जा सकता है, बशर्ते तकनीक तक समान पहुंच सुनिश्चित की जाए और विकासशील देशों को भी डिजिटल बुनियादी ढांचे में मजबूत बनाया जाए।
01:25 PM, 19-Feb-2026
एआई अपनाने में दुनिया का नेतृत्व कर रहा भारत, बोले ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अहम भूमिका निभा रहा है और फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ एआई क्रांति में भाग नहीं ले रहा, बल्कि इसे आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एएनआई से बातचीत में ऑल्टमैन ने भारत के डिजिटल विकास को लेकर आशावाद जताया और कहा कि देश के टेक इकोसिस्टम में हो रहा काम अद्भुत है और वैश्विक गति तय कर रहा है। उन्होंने भारत को भविष्य के नवाचार का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि एआई के वैश्विक विकास पर भारत का बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
रोजगार पर एआई के प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव नौकरी बाजार को जरूर प्रभावित करेंगे, लेकिन इतिहास बताता है कि नई तकनीकें नए और अधिक सार्थक रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं। उन्होंने मानव क्षमता और अनुकूलन की शक्ति पर भरोसा जताया।
12:49 PM, 19-Feb-2026
सही समझ से सही फैसले, एआई के लिए साझा रोडमैप जरूरी- पीएम मोदी

पीएम मोदी
– फोटो : Amar Ujala
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई का सच्चा प्रभाव तभी सामने आएगा जब देश मिलकर सहयोग की भावना से काम करेंगे। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया ने देखा है कि जब देश एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन विकास से लेकर सप्लाई चेन, डेटा साझाकरण और लोगों की जान बचाने तक, महामारी के दौरान वैश्विक सहयोग ने ही समाधान प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस अनुभव के आधार पर एआई के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आवश्यक बताया।
12:18 PM, 19-Feb-2026
एआई से हेल्थकेयर, शिक्षा और रिसर्च सेक्टर में आएगी तेजी, बोले सुनील मित्तल
भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने समिट में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत से हेल्थकेयर, शिक्षा, डीप रिसर्च और मेडिकल साइंसेज जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेज विकास देखने को मिलेगा।
मित्तल ने कहा कि एआई अब कंपनियों के संचालन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के लिए एआई ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने, नेटवर्क तैयार करने और नेटवर्क मैनेजमेंट को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में विभिन्न सेक्टर्स एआई के सहारे नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे और यह तकनीक उद्योगों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव लाने वाली है।
11:50 AM, 19-Feb-2026
अंबानी का बड़ा एलान- 10 लाख करोड़ के निवेश का एलान
एआई इंपैक्ट समिट में भारत के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर आना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, एआई कई क्षेत्रों में नए दौर की शुरुआत कर सकता है। उन्होंने कहा, दुनिया इस बात पर बहस कर रही है कि क्या एआई के कारण ताकत कुछ लोगों के हाथों में सिमट जाएगी। या एआई सभी के लिए मौके और सबके लिए आसान अवसर का माध्यम बनेगा।
अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ का निवेश
उन्होंने मौजूदा दौर में कृत्रिम बुद्धिमता के असर को रेखांकित करते हुए कहा, आज एआई को लेकर दुनिया दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता कम, महंगे एआई और कंट्रोल्ड डाटा की तरफ ले जाता है, दूसरा सस्ता, आसानी से मिलने वाली एआई की सुविधा सुनिश्चित करता है। मुकेश अंबानी ने अपने घराने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए कहा, जिस तरह कंपनी ने मोबाइल डाटा का कॉस्ट कम किया है, उनका ग्रुप एआई की कॉस्ट भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि जियो और रिलायंस इंडिया लिमिटेड (RIL) इस साल से शुरूआत कर अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
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11:35 AM, 19-Feb-2026
भारत की ताकत बताकर प्रधानमंत्री ने देश में निवेश का न्योता दिया
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में कहा, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल्स और एप लॉन्च किए हैं। ये युवाओं की प्रतिभा के सबूत हैं। भारत जो सॉल्यूशन दे रहा है, ये उसकी गहराई और विविधता के भी प्रतिबिंब हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक रेजिलिएंट इको सिस्टम बना रहा है। सिक्योर डाटा सेंटर, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनेमिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफॉर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब बनाते हैं।
देश की ताकत को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी के साथ-साथ डेमोक्रेसी भी है। जो एआई मॉडल भारत में सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी आजमाया जा सकता है। उन्होंने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू दी ह्यूमैनिटी।
11:22 AM, 19-Feb-2026
भारत में सफल एआई मॉडल दुनिया में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है
प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य पैकेटों पर मौजूद पोषण संबंधी लेबल की तर्ज पर एआई सामग्री के लिए भी प्रामाणिकता वाले लेबल लगाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एआई से डरते हैं, कुछ लोग इसमें भविष्य देखते हैं। भारत एआई में भविष्य देखता है। प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया और देश की युवा प्रतिभा को वैश्विक मंच पर रेखांकित करते हुए कहा, भारत में सफल होने वाला कोई भी एआई मॉडल दुनिया में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
11:05 AM, 19-Feb-2026
पीएम ने डीपफेक के खतरे भी बताए, साझा किया MANAV Imaginative and prescient
एआई के दुरुपयोग को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, डीपफेक और मनगढ़ंत सामग्री खुले समाजों में अस्थिरता पैदा करती है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए ‘मानव विजन’ (MANAV Imaginative and prescient) भी साझा किया। पीएम मोदी ने एआई में नैतिकता, नीतिपरक प्रणाली, जवाबदेह शासन और राष्ट्रीय संप्रभुता को शामिल किए जाने पर जोर दिया।
10:57 AM, 19-Feb-2026
एआई को वैश्विक स्तर पर साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लेना होगा: पीएम मोदी
हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी। बकौल पीएम मोदी, हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी।
उन्होंने एआई के लोकतंत्रीकरण पर जोर देते हुए कहा, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के लिए हमें इसे समावेशन और सशक्तिकरण का एक उपकरण बनना होगा। पीएम मोदी ने कहा, हमारा मानना है कि एआई से तभी लाभ हो सकता है जब इसे साझा किया जा सके; हमें एआई को एक वैश्विक साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लेना चाहिए।
10:53 AM, 19-Feb-2026
एआई के लिए हमारा मानदंड- सभी का कल्याण और खुशी
प्रधानमंत्री ने कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसी ताकत है, जिसकी मदद से तेजी से बदलाव लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, हालांकि, यह ऐसी शक्ति है जो अगर अपने लक्ष्यों से भटक जाए तो विनाश भी हो सकता है। यदि इसका सही उपयोग किया जाए, तो यह समाधान प्रदान करती है। सभी का कल्याण और खुशी ही एआई के लिए हमारा मानदंड है।
एआई शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का भाषण
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